श्मशान घाट में नहीं मिल रही जगह

भदभदा विश्रामघाट:आठ दिन में 132 शवों का अंतिम संस्कार हुआ, इनमें से 75 कोरोना मरीजों के; पिछले तीन दिन से लगातार बढ़ रही शवों की संख्या

जगह कम पड़ी, जमीन पर जली चिताएं
  • तस्वीर बताती है स्थिति गंभीर है…ढाई माह पहले तक रोज आ रहे थे औसतन 5 शव, ये संख्या अब 14 हुई

शहर में कोरोना मरीजों की संख्या के साथ ही मौतों का आंकड़ा भी बढ़ रहा है। ढाई महीने पहले तक भदभदा विश्राम घाट पर जहां रोज औसतन 5 शव अंतिम संस्कार के लिए पहुंच रहे थे, वहीं ये संख्या अब 14 तक पहुंच गई है। बीते 8 दिन में ही यहां 132 शवों का अंतिम संस्कार हुआ है। इनमें से 75 शव कोरोना पॉजिटिव मरीजों के थे। हालांकि मृतक भोपाल के अलावा बीना, ललितपुर समेत अन्य राज्यों के भी रहने वाले थे। ये कोरोना का इलाज कराने भोपाल के अलग- अलग अस्पतालों में भर्ती हुए थे। पिछले 8 दिनों से हालात यह हैं कि यहां 10 से अधिक शव अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे। यह हकीकत भदभदा विश्रामघाट में रिकाॅर्ड की पड़ताल में सामने आई।

इनें 132 शवों में से 64.39 फीसदी यानी 85 शवों का अंतिम संस्कार कोरोना प्रोटोकॉल के तहत किया गया। इनमें 10 शव उन मरीजों के थे, जिन्हें कोरोना के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन, उनकी रिपोर्ट आखिरी सांस तक नहीं आई थी।

अब सिर्फ 25 शवों के अंतिम संस्कार के लिए ही लकड़ी बची
विश्रामघाट समिति के कोषाध्यक्ष अजय दुबे ने बताया कि लकड़ी गोदाम में गुरुवार शाम तक करीब 100 क्विंटल लकड़ी का ही स्टॉक बचा है। इससे अधिकतम 25 शवों का अंतिम संस्कार हो सकता है। क्योंकि एक शव के अंतिम संस्कार में औसतन 4 क्विंटल लकड़ी का उपयोग होना है। गोदाम में गौकाष्ठ अंतिम संस्कार के लिए रखी हुई है, लेकिन नमी के कारण शवों के अंतिम संस्कार में इनका उपयोग नहीं हो पा रहा है।

हर माह बढ़े दाह संस्कार

8 दिन में अंतिम संस्कार

जानकारी भदभदा विश्रामघाट समिति के मुताबिक।

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