महिलाओं को देंगी सुरक्षा, 182 पर कॉल करते ही मिलेगी मदद

महिलाओं को देंगी सुरक्षा, 182 पर कॉल करते ही मिलेगी मदद

भोपाल मंडल में शुक्रवार से अवंती बाई और अहिल्या बाई वाहिनी ने महिला यात्रियों की सुरक्षा का जिम्मा संभाल लिया है।
  • टीम को अवंती बाई और अहिल्या बाई वाहिनी नाम दिया गया, 24 घंटे मुस्तैद रहेंगी
  • इसके अलावा यात्री की सुरक्षा के लिए जीआरपी एमपी हेल्प ऐप भी तैयार किया गया है

भोपाल मंडल से गुजरने वाली ट्रेनों में अब महिला यात्रियों की मदद और सुरक्षा के लिए दो विशेष दल 24 घंटे मुस्तैद रहेंगे। भोपाल मंडल में दो आरपीएफ वाहिनी गठित की गईं हैं। इन्हें अवंती बाई और अहिल्या बाई वाहिनी नाम दिया गया है।

टीम बीना, भोपाल, इटारसी और खंडवा के बीच चलेंगी। हर टीम में एक सब इंस्पेक्टर, दो महिला कांस्टेबल और दो पुरुष कांस्टेबल रहेंगे। यह व्यवस्था शुक्रवार से शुरू हो गई है।

स्टेशन पर विशेष वाहिनी महिला यात्रियों को सुरक्षा संबंधी जानकारी देती हुईं।
स्टेशन पर विशेष वाहिनी महिला यात्रियों को सुरक्षा संबंधी जानकारी देती हुईं।

भोपाल मंडल के रेल प्रबंधक उदय बोरवणकर ने बताया कि रेल सुरक्षा बल की दो महिला वाहिनी “अवंती बाई एवं अहिल्या बाई ” का गठन किया गया है। यह स्टेशन पर और चलती गाड़ियों में महिला यात्रियों की मदद के लिए मौजूद रहेगी। मदद के लिए 182 नंबर पर फोन कर सकते हैं।

जीआरपी भोपाल का ऐप भी मददगार 
जीआरपी भोपाल ने ट्रेनों में सफर के दौरान यात्रियों की सुरक्षा के लिए एक ऐप तैयार किया है। इसे जीआरपी एमपी हेल्प ऐप (GRP MP help) नाम दिया है। ऐप से यात्री स्टेशन से लेकर चलती ट्रेन तक में मदद ले सकते हैं। ऐप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।

ऐप पर सिर्फ अपना मोबाइल नंबर अपलोड करना होगा। मोबाइल नंबर अपलोड करते ही फोन जीआरपी कंट्रोल रूम से जुड़ जाएगा। अपराध से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या होने पर ऐप के माध्यम से शिकायत दे सकते हैं। इसमें कुछ जानकारियां देनी होती हैं। इसके बाद उसे सबमिट करना होगा। कंट्रोल पर आई फोन की लोकेशन के अनुसार यात्री को तत्काल मदद पहुंचाई जाएगी।

जीआरपी एमपी हेल्प ऐप से भी यात्री मदद ले सकते हैं।
जीआरपी एमपी हेल्प ऐप से भी यात्री मदद ले सकते हैं।

इमरजेंसी के लिए एसओएस बटन भी
ऐप में सभी तरह की शिकायतों के लिए अलग-अलग विकल्प दिए गए हैं। इस पर क्लिक करते ही आप अपनी शिकायत भेज सकते हैं। इमरजेंसी होने पर एसओएस के बटन का उपयोग करके भी मदद बुलाई जा सकती है। ऐप में सभी संबंधित अधिकारियों के नंबर भी दिए गए हैं, ताकि यात्री सीधे संबंधित अधिकारी को फोन कर मदद ले सकते हैं।

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