गोतरा गोपद नदी से दिन दहाड़े हो रहा मशीनों से उत्खनन(स्थानीय मजदूर काम के अभाव में दर -दर की खा रहे ठोकर,मजदूर से लेकर जनप्रतिनिधियों तक मे नाराजगी ।

संतोष तिवारी)———–सीधी जिले के कुसमी ब्लॉक के गोतरा गाँव में रेत खदान संचालित करने का जिम्मा ,लोगों को भवन निर्माण के लिए सहज,सुलभ एवम उचित दर पर रेत दिलाने का जिम्मा, रेत खदान से लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने का जिम्मा,मध्यप्रदेश शासन द्वारा मेसर्स सैनिक इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को पूरे सीधी जिला सहित गोतरा रेत खदान का भी टेंडर दिया गया है लेकिन उक्त कम्पनी द्वारा गोतरा में खदान चालू करते हुए शासन के सभी नियमो को दरकिनार करके एन जी टी नियमो का खुले आम उल्लंघन के साथ उपभोक्ताओ से रेत के बदले मनमानी रेट वसूले जा रहे हैं इतना ही नही जिस गोतरा रेत खदान का संचालन बीते पिछले वर्ष तक मजदूरों के दम पर होता था आधे गाँव के कई सैकड़ो स्थानीय मजदूरों ,बेरोजगारों को पर्याप्त काम और दाम मिलता था रेत लोड करने गोतरा गोपद नदी में मजदूरों की भीड़ रहती थी काम पाकर मजदूरों के चेहरे खुश रहते थे उनका तथा उनके परिवार का भरण पोषण अच्छे से होता था उन्ही मजदूरो को खदान में रेत लोड करने का रोजगार भी नही दिया गया है जिससे गोतरा गाँव के मजदूर वर्ग कोरोनकाल के संकट दौर में कम्पनी के ठेकेदार की मनमानी से बेरोजगार और भूखे मरने की कगार पर पहुँच चुके हैं ऐसे में अब ग्रामीणों का आक्रोश कम्पनी के विरुद्ध उभर रहा है स्थानीय मजदूरों ने मीडिया को चर्चा के दौरान बताया कि पिछले 2 वर्षों तक जब जब पँचायत से खदान का संचालन हुआ स्थानीय स्तर पर रोजगार दिया जाता रहा पर्याप्त काम और मनचाहा दाम मिलता रहा लेकिन इस वर्ष 1 हप्ते से ज्यादा समय से खदान को चालू हुए हो गया लेकिन गोतरा के गोपद नदी में पूरा काम दिन हो या रात पोकलेन मशीन से किया जा रहा है जिससे हम लोगों को काम मांगने पर भी नही दिया जा रहा है जिसके बाद से गोतरा के श्रमिकों में जमकर नाराजगी देखी जा रही है ऐसे में अब सैनिक इंडस्ट्रीज कम्पनी पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं की जब शासन स्तर से मशीनों से रेत उत्खनन और लोडिंग की मनाही की गई है तो फिर मौके पर मशीनो से उत्खनन क्यो किया जा रहा है मीडिया द्वारा जब हकीकत को जानने नदी का मुआयना किया गया तब रेत उत्खनन का पूरा काम पोकलेन मशीन से ही किया जा रहा था जिसमें 1 मशीन नदी में रेत उत्खनन कर जगह जगह रेत का भंडारण कर रही थी तो दूसरी मशीन कम्पनी के कैम्प में खड़ी पाई गयी देखने मे आया कि कम्पनी द्वारा मनमाने तौर पर गोतरा गोपद नदी में मशीन लगाकर भारी मात्रा में उत्खनन किया जा रहा है जिस गति से सैनिक इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी द्वारा खदान में शासन के नियमो की अवहेलना के साथ बड़ी बड़ी मशीन लगाकर एन जी टी के नियमों की खुली धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और शासन की मंशा पर पानी फेरते हुए गाँव के जरूरतमंद मजदूरों को बेरोजगार कर दिया गया है ऐसे में समय रहते शासन प्रशासन को भी इस ओर ध्यान देने और कम्पनी और ठेकेदारों की मनमानी पर चाबुक लगाने की जरूरत है ।————इनका कहना है—–धर्मराज सिंह गोंड़(मजदूर)—-अभी तक हम लोगों को रोजगार नही मिला,काम मांगने जाते हैं तो लौटा दिया जाता है पूरा काम मशीन से हो रहा है।————-राजेन्द्र गोस्वामी(मजदूर)——-1 हप्ते से खदान चालू है पूरा काम मशीन से हो रहा है पिछले सालों तक उसी खदान से हम लोग जी रहे थे तुरत काम और तुरत दाम मिलता था लेकिन इस साल कम्पनी वाला काम नही दे रहा है हम गरीबो का पेट मारा जा रहा है।———–कन्हैयालाल गोस्वामी(मजदूर)——–पिछले साल तक रेता भराई का काम कर के 3 से 4 सौ कमा लेते थे जिससे घर का खर्चा चल जाता था 8 दिन से रेता उत्खनन शुरू हो गया लेकिन कम्पनी के ठेकेदार काम न देने का बहाना बताते हैं।—————-कंचन प्रजापति(मजदूर)——-2 वर्ष तक रेता लोडिंग का कार्य करती थी पर्याप्त काम भी मिलता था इस वर्ष काम मांगने पर कम्पनी के ठेकेदार बोलते हैं कि मशीन से भराई होगा काम न देंगे अब लड़के बच्चों का पेट कैसे पालें।————-सुखसेन सिंह गोंड़——–पिछले वर्ष तक दिन में मजदूर और रात में मशीन लोडिंग करते थे गाँव मे मशीन से रेत निकल रहा है फिर भी हम लोगों को काम नही मिल पा रहा है काम न मिलने से लाक डाउन में बहुत बड़ी समस्या है।——भास्कर साहू (युवक कांग्रेस अध्यक्ष कुसमी)————-मजदूरों के साथ अन्याय किया जा रहा है जहां एक ओर कोरोना वायरस की वजह से गाँव गाँव तक बेरोजगारी छाई हुई है मजदूरों को रोजगार बहुत ही जरूरी है गोतरा गोपद नदी से रेत ठेकेदार द्वारा मशीन से काम कराया जा रहा है जो सरासर अन्याय है।——————-प्रेमलाल जायसवाल (भा ज यु मो अध्यक्ष कुसमी)—–स्थानीय लोगों को अगर कम्पनी रोजगार नही देती है तो रेत भी न निकाले हमारे यहां से रेता बाहर जा रहा है जो सोने का भाव बेचा जा रहा है अगर स्थानीय लोगों को रोजगार नही मिला और दिन में अगर मशीन से उत्खनन हुआ तो कम्पनी और ठेकेदार के विरोध में हड़ताल करेंगे।

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